MP राघव चड्ढा ने FSSAI से सख्त कदम उठाने की मांग की
Parliament Budget Session: राज्यसभा सांसद और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता राघव चड्ढा ने संसद में खाद्य पदार्थों में मिलावट का मुद्दा उठाया। उन्होंने अपने भाषण का वीडियो अपने सोशल मीडिया हैंडल पर भी साझा किया और लिखा,"भारत में सबसे बड़ा स्वास्थ्य संकट भोजन में मिलावट है। दूध में यूरिया, सब्जियों में ऑक्सीटोसिन, पनीर में कास्टिक सोडा, मसालों में ईंट का चूरा, शहद में पीला रंग, मुर्गी के मांस में स्टेरॉयड और आइसक्रीम में डिटर्जेंट मिलाया जा रहा है। हम सभी धीरे-धीरे जहरीले पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। मैंने आज संसद में इस गंभीर मुद्दे को उठाया। मेरा भाषण देखिए।"
राघव चड्ढा ने संसद में अपनी स्पीच के दौरान कहा, "सर, आज मैं एक ऐसे मुद्दे पर बात करना चाहता हूं जो सीधे लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा है – यानी खाने में मिलावट। बाजार में शुद्धता के लेबल वाले फर्जी उत्पाद बेचे जा रहे हैं। दूध, मसाले, खाद्य तेल, पैकेज्ड फूड और पेय पदार्थों में असुरक्षित तत्व, हानिकारक केमिकल्स, उच्च सैचुरेटेड फैट, शुगर या नमक मिलाया जा रहा है। इसके साथ-साथ भ्रामक न्यूट्रिशनल क्लेम्स भी चलाए जा रहे हैं, जैसे कि ये स्वास्थ्यवर्धक हैं या एनर्जी बढ़ाते हैं। इन फर्जी दावों के साथ इन्हें बेचने का काम हो रहा है।"
राघव चड्ढा ने कहा, "सर, स्थिति यह है कि अगर आप दूध खरीदते हैं तो उसमें यूरिया मिलाया जाता है, सब्जियों में ऑक्सीटोसिन, पनीर में स्टार्च और कास्टिक सोडा, आइसक्रीम में डिटर्जेंट पाउडर, फ्रूट जूस में सिंथेटिक फ्लेवर और आर्टिफिशियल कलर। खाद्य तेल में मशीन ऑयल, गरम मसालों में ईंट और लकड़ी का चूरा, चाय में सिंथेटिक कलर्स, चिकन या पोल्ट्री आइटम्स में एनाबोलिक स्टेरॉयड्स, शहद में शुगर सिरप और येलो डाई मिलाया जा रहा है। यहां तक कि देसी घी, जो मीठा होना चाहिए, उसे वेजिटेबल ऑयल और वनस्पति से तैयार किया जा रहा है।"
नेता ने कहा, "सर, आप सोचिए कि एक मां अपने बच्चे को एक गिलास दूध देती है यह सोचकर कि इसमें कैल्शियम और प्रोटीन है और उसका बच्चा स्वस्थ रहेगा। लेकिन उसे यह पता नहीं होता कि वह अपने बच्चे को यूरिया या डिटर्जेंट का मिश्रण पिला रही है। रिसर्च बताती है कि दूध के 71% सैंपल्स में यूरिया पाया गया है, जबकि 64% सैंपल्स में न्यूट्रलाइजर जैसे सोडियम बायकार्बोनेट मिले। यहां समस्या यह है कि दूध का उत्पादन उतना नहीं हो रहा जितना बाजार में बेचा जा रहा है।"
राघव ने कहा, "सर, अगर आप सब्जियां या कोई अन्य सब्जी खरीदते हैं जिसे हम हेल्थ फूड मानते हैं, तो उसे ऑक्सीटोसिन इंजेक्ट करके बेचा जाता है ताकि वो ताजी, हरी दिखे और उसका ग्रोथ तेज हो। ऑक्सीटोसिन वो हानिकारक केमिकल है, जो चक्कर आना, सिरदर्द, हार्ट फेल्योर, इनफर्टिलिटी, कैंसर जैसी बीमारियां पैदा करता है। सर, 2014-15 से 2026 तक सभी सैंपल्स टेस्ट किए गए, उनमें से 25% मिलावटी पाए गए, मतलब हर 4 सैंपल में एक मिलावटी, पता नहीं कितने लोग बीमार हुए, अस्पताल गए या अपनी जान गंवाई।"
नेता ने कहा "सर, खाने में मिलावट एक भयंकर स्वास्थ्य संकट है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं, गर्भवती महिलाओं के लिए ये विशेष रूप से खतरनाक है। और भी हैरान करने वाली बात ये है कि भारत में बने उत्पाद जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैन हैं, जैसे इस देश की दो सबसे बड़ी गरम मसाला बनाने वाली कंपनियां यूएस, यूके में बैन हो गईं क्योंकि उनमें कैंसर पैदा करने वाले पेस्टीसाइड्स हैं, वो मसाले भी आज भारत में बेचे जा रहे हैं और खरीदे जा रहे हैं, हमें इन्हें कंज्यूम करने के लिए फोर्स किया जाता है। स्थिति ये है कि दूसरे देशों में जो फूड आइटम्स जानवरों को भी नहीं खिलाए जाते, वो यहां बेचे जा रहे हैं।"
राघव चड्ढा ने कहा, "मैं इस संबंध में कुछ सुझाव लाया हूँ। पहला, FSSAI यानी हमारे रेगुलेटर को मजबूत किया जाए, पर्याप्त मैनपावर दी जाए और लैब टेस्टिंग को बढ़ावा दिया जाए। दूसरा, जुर्माने या पेनल्टी को वित्तीय रूप से प्रभावी बनाया जाए और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें बढ़ाया जाए। तीसरा, एक पब्लिक रिकॉल मैकेनिज्म होना चाहिए, ताकि अगर कोई उत्पाद मिलावटी पाया जाए, तो उसका नाम सार्वजनिक किया जाए, उसे बाजार से हटाया जाए और भ्रामक स्वास्थ्य क्लेम्स वाली एडवरटाइजिंग रोकी जाए।"
(For more news apart from Raghav Chadha raises issue of Food Adulteration in RS, suggests corrective measures to govt news in hindi,stay tuned to Rozanaspokesman Hindi)