राहुल गांधी के बोलते ही हंगामा हो गया और सभा स्थगित कर दी गई।
Parliament Budget Session: बजट सत्र के 9वें दिन लोकसभा की कार्यवाही मात्र 13 मिनट तक ही चल पाई। विपक्ष सदन में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने की अनुमति देने की मांग कर रहा है। राहुल गांधी ने दावा किया कि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें बजट पर चर्चा शुरू होने से पहले अपनी बात रखने की अनुमति देने का आश्वासन दिया था। वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि कांग्रेस नेता की यह बात पूरी तरह सही नहीं है और अध्यक्ष ने उनसे कहा था कि पहले वह सदन में उठाने वाले विषय को स्पष्ट करें।
दो बार के स्थगन के बाद अपराह्न दो बजे बैठक शुरू हुई, और पीठासीन सभापति संध्या राय ने केंद्रीय बजट पर चर्चा शुरू करने के लिए कांग्रेस सांसद शशि थरूर का नाम पुकारा। थरूर ने उनसे पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने की अनुमति देने का अनुरोध किया। पीठासीन सभापति ने कहा कि यदि नेता प्रतिपक्ष बजट पर चर्चा में भाग लेना चाहते हैं तो वह अपनी बात रख सकते हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि कुछ समय पहले लोकसभा अध्यक्ष के पास कांग्रेस के कुछ सदस्य गए थे, और उन्होंने कहा कि ‘‘बिरला ने हमें वादा किया था कि मुझे बजट पर चर्चा से पहले बोलने की अनुमति दी जाएगी, लेकिन अब वह पीछे हट रहे हैं।’’
पीठासीन सभापति संध्या राय ने कहा कि उनके पास किसी तरह का नोटिस नहीं है और वर्तमान स्थिति में वह केवल बजट पर बोलने की अनुमति दे सकती हैं।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि कांग्रेस नेताओं के साथ लोकसभा अध्यक्ष की बैठक में वह भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष ने पहल की थी कि अगर सभी पक्ष मान जाएं तो सदन चलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता वेणुगोपाल ने जब बैठक में कहा कि नेता प्रतिपक्ष सदन में कुछ बोलना चाहते हैं तो लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि जब वह विषय बताएंगे, तब अनुमति दी जाएगी, इसलिए राहुल गांधी ने स्पीकर की ओर से वादा किए जाने की जो बात कही है वह शत-प्रतिशत सही नहीं है।
रीजीजू ने यह भी कहा कि अध्यक्ष ने यह भी कहा कि अगर वह नेता प्रतिपक्ष को बोलने का अवसर देंगे तो अन्य दलों के नेताओं को भी मौका देंगे और सरकार की ओर से संसदीय कार्य मंत्री पक्ष रखेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘हम सरकार की ओर से हमेशा तैयार हैं। आप ऐसा कुछ नहीं करें जिससे सदन की गरिमा गिरे।’’ हालांकि, आसन से जब बजट पर चर्चा की शुरुआत के लिए पुन: थरूर का नाम पुकारा गया तो उन्होंने फिर से नेता प्रतिपक्ष को ही पहले बोलने देने की अनुमति मांगी।राहुल गांधी को बजट से अतिरिक्त अन्य किसी विषय पर बोलने की अनुमति नहीं मिलने पर कांग्रेस सदस्यों ने हंगामा किया जिसके कारण बैठक कुछ मिनट बाद ही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।इससे पहले भी इसी मुद्दे पर बैठक दो बार स्थगित कर दी गई।
सुबह बैठक शुरू होने पर जब कांग्रेस के सदस्य सदन में उपस्थित नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने देने की अनुमति मांगने लगे तो लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि प्रश्नकाल में केवल प्रश्न पूछे जाते हैं और कभी किसी सदस्य को अन्य कोई विषय उठाने की अनुमति नहीं दी जाती।
उन्होंने हंगामा कर रहे विपक्षी सांसदों से प्रश्नकाल चलने देने की अपील करते हुए कहा कि वह बजट पर सदन में होने वाली चर्चा में सभी सदस्यों को उनके लिए आवंटित समय के अनुसार बोलने का अवसर देंगे।
इस दौरान कांग्रेस के सांसदों ने आसन के पास आकर नारेबाजी शुरू कर दी। शोर-शराबा जारी रहने पर अध्यक्ष ने पांच मिनट बाद ही कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी।
कार्यवाही 12 बजे दोबारा शुरू हुई तो पीठासीन सभापति कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने बजट पर चर्चा के लिए पहले वक्ता के रूप में कांग्रेस सांसद थरूर का नाम पुकारा तो नेता प्रतिपक्ष ने सदन में अपनी बात रखने की इच्छा जाहिर की।
हालांकि, पीठासीन सभापति ने कि उनके पास फिलहाल जो विधायी कार्य का ब्यौरा है, उसके मुताबिक बजट पर चर्चा होनी है।कांग्रेस के सदस्यों ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि नेता प्रतिपक्ष को सदन में बोलने को अधिकार है। आसन ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष चाहें तो बजट पर बोल सकते हैं। राहुल गांधी को किसी अन्य विषय पर बोलने की अनुमति नहीं मिलने के कारण गतिरोध बना रहा और कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
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