18 महीने से बिहार देश में पहले स्थान पर
पटना : स्वास्थ्य मंत्री श्री मंगल पांडेय ने कहा कि सरकार मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वस्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दिशा में सरकारी अस्पतालों में बेहतर चिकित्सीय सेवा प्रदान करने के साथ दवाओं की ससमय उपलब्धता कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इन प्रयासों का नतीजा है कि बिहार फरवरी माह में फिर देश भर में निःशुल्क दवा उपलब्ध कराने में अव्वल हुआ है। बिहार पिछले 18 महीने से मरीजों को मुफ्त दवा उपलब्ध करने के मामले में अव्वल रहा है। सितंबर 2024 में बिहार ने देश भर में पहला स्थान हासिल किया था। यह उपलब्धि फरवरी , 2026 तक बरकरार है। इस उपलब्धि के जरिए सरकार द्वारा मरीजों को बेहतर ईलाज प्रदान करने की मंशा को और मजबूती मिली है।
श्री पांडेय ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी स्तर के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त दवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की है। जिसमें मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों से लेकर जिला अस्पताल, रेफरल अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, अतिरिक्त पीएचसी , शहरी पीएचसी, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर तथा स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर निःशुल्क दवा उपलब्ध करायी गई है। इस व्यवस्था से मरीजों को बाहर से दवा खरीदने की जरूरत कम हो रही है और गरीब व जरूरतमंद लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।
श्री पांडेय ने कहा कि अस्पतालों में मरीजों को दवा उपलब्ध कराने में कई रणनीतियाँ प्रभावी रही है। इसमें मुख्य रूप से राज्य भर के अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवा की सूची (ईडीएल) का निर्धारण, तिथिवार औषधि निवारण नियमावली का अनुपलन, स्वास्थ्य जांच के लिए स्थानवर सूची का निर्धारण, रोगियों को छोटे स्वास्थ्य केंद्रों से बड़े संस्थानों में रेफर करने के लिए रेफरल पॉलिसी और इसकी निचले स्तर पर जवाबदेह तय करना महत्वपूर्ण रहा है।