19 से 22 मार्च तक यशोभूमि, नई दिल्ली में होगा भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026
पटना : बिहार राष्ट्रीय ऊर्जा विमर्श के केंद्र में तेजी से अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। भारत सरकार के ऊर्जा मंत्रालय की पहल पर आयोजित भारत इलेक्ट्रिसिटी समिट 2026 में राज्य को ‘फोकस स्टेट’ का दर्जा मिला है। 19 से 22 मार्च के बीच यशोभूमि, नई दिल्ली में होने वाले इस वैश्विक सम्मेलन-सह-प्रदर्शनी में बिहार अपने ऊर्जा क्षेत्र में किए गए सुधारों, निवेश की संभावनाओं तथा ‘पावरिंग बिहार’ पहल के तहत हुई प्रगति को प्रमुखता से सामने रखेगा। उक्त कार्यक्रम में देश के सभी राज्य के साथ ही सात देश के ऊर्जा मंत्री भी शरीक होंगे जिसमें मालदीव, तंजानिया ,श्री लंका ,भूटान, रिपब्लिक ऑफ मलावी, मॉरिशस और तजाकिस्तान शामिल है।
चार दिवसीय इस समिट का उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र की चुनौतियों और अवसरों पर सार्थक संवाद को आगे बढ़ाना तथा वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन में भारत की अग्रणी भूमिका को रेखांकित करना है। यशोभूमि स्थित हॉल संख्या 2 के स्टैंड नंबर 2E51 पर बिहार अपने ऊर्जा क्षेत्र की उपलब्धियों और विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करेगा। पहले दिन उद्घाटन सत्र, मुख्य अतिथि द्वारा स्टॉल का अवलोकन और मीडिया से संवाद प्रस्तावित है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय मंत्रिस्तरीय बैठक और सीईओ स्तर की बैठकों में ऊर्जा क्षेत्र के शीर्ष नीति-निर्माता और उद्योग जगत के प्रतिनिधि विचार साझा करेंगे।
दूसरे दिन कार्यक्रम का फोकस मंत्रिस्तरीय गोलमेज बैठक पर रहेगा, जिसके साथ बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (BSPTCL) के प्रबंध निदेशक की भागीदारी वाली सीईओ बैठक भी निर्धारित है। इसके अलावा बिहार के ऊर्जा सचिव और पीडब्ल्यूसी (PwC) के पार्टनर अभिजीत रे की उपस्थिति में एक अलग सीईओ बैठक प्रस्तावित है, जहां राज्य में निवेश की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा होगी।
तीसरे दिन संभावित निवेशकों के साथ सीधी बातचीत का अवसर रहेगा। इसी क्रम में ऊर्जा सचिव मीडिया ब्रीफिंग और साक्षात्कार के जरिए राज्य की ऊर्जा नीति और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डालेंगे। समिट के अंतिम दिन समापन समारोह के साथ पूरे कार्यक्रम का औपचारिक निष्कर्ष सामने आएगा।
इस समिट में बिहार की सक्रिय भागीदारी को राज्य के ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे तेज बदलाव और निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे न केवल राज्य की सकारात्मक छवि को मजबूती मिलेगी, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए निवेश के अवसर भी सृजित होंगे। समिट के माध्यम से बिहार बिजली क्षेत्र की चुनौतियों और संभावनाओं पर अपने दृष्टिकोण को साझा करते हुए वैश्विक मंच पर अपनी नेतृत्व क्षमता भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगा। कार्यक्रम में पचास सेशन में तीन हजार वक्ता अपने विचार साझा करेंगे ।